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प्रदेश में 44 हजार उपभोक्ताओं के गैस सिलेंडर होंगे सरेंडर, बढ़ेंगी मुश्किलें


क्या है पूरा मामला?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और गैस सप्लाई में बाधा के बीच LPG संकट गहराता जा रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत प्रदेश में करीब 44 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं को अपना एक गैस कनेक्शन सरेंडर करना होगा। इससे हजारों लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।

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क्यों लेना पड़ा यह फैसला?

खाड़ी देशों से गैस सप्लाई प्रभावित होने के कारण देशभर में LPG की कमी देखने को मिल रही है। कई जगहों पर सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने गैस वितरण को संतुलित करने के लिए यह सख्त नियम लागू किया है।

एक साथ दो कनेक्शन पर पाबंदी

नए नियमों के अनुसार अब कोई भी उपभोक्ता एक साथ LPG और PNG कनेक्शन नहीं रख सकता। अगर किसी के पास दोनों कनेक्शन हैं, तो उसे इनमें से एक को सरेंडर करना अनिवार्य होगा।

यह आदेश पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी संशोधित गजट नोटिफिकेशन के तहत लागू किया गया है। 14 मार्च को जारी इस आदेश के बाद अब सभी उपभोक्ताओं को नियम का पालन करना होगा।

किन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर?

इस नियम के तहत प्रदेश के करीब 44,488 उपभोक्ता प्रभावित होंगे, जिनके पास LPG और PNG दोनों कनेक्शन हैं। अब इन्हें जल्द ही किसी एक कनेक्शन को संबंधित एजेंसी में सरेंडर करना होगा, जिससे उनकी दैनिक जरूरतों पर असर पड़ सकता है।

रेस्टोरेंट और ढाबों पर संकट

LPG की कमी का सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर पड़ रहा है। कई जगहों पर गैस सिलेंडर खत्म होने के कारण छोटे ढाबे और फूड स्टॉल बंद हो चुके हैं। कुछ होटल और रेस्टोरेंट अब लकड़ी के चूल्हे का सहारा ले रहे हैं।

इस स्थिति के कारण होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री भी आर्थिक दबाव में आ गई है और कारोबार प्रभावित हो रहा है।

नियमों का पालन

गैस सप्लाई में आई कमी को देखते हुए सरकार का यह कदम जरूरी माना जा रहा है, लेकिन इससे आम लोगों और व्यवसायों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को नियमों का पालन करते हुए अपनी जरूरत के अनुसार सही कनेक्शन चुनना होगा।

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